मुंबई। एचवीएस हॉस्पिटल्स, मुंबई, जो स्ट्रक्चरल हार्ट इंटरवेंशन का एक प्रमुख केंद्र है, ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अस्पताल ने वेस्टर्न इंडिया में गंभीर लीक हार्ट वॉल्व से पीड़ित मरीजों के लिए एडवांस्ड क्लिप थैरेपी प्रोसीजर के सबसे ज्यादा केस सफलतापूर्वक पूरे किए हैं। एचवीएस टीम अब तक 100 से ज्यादा ऐसे केस सफलतापूर्वक कर चुकी है। यह उपलब्धि इस बात को दर्शाती है कि अस्पताल गंभीर हार्ट मरीजों का इलाज बिना ओपन हार्ट सर्जरी के, आधुनिक और सुरक्षित तकनीक से कर रहा है।
एडवांस्ड क्लिप थैरेपी एक मिनिमली इनवेसिव प्रक्रिया है, जिसमें बिना छाती खोले लीक हो रहे हार्ट वॉल्व को ठीक किया जाता है। यह खासकर उन मरीजों के लिए होती है जिनकी उम्र ज्यादा है, कमजोरी है या कई बीमारियों की वजह से ओपन हार्ट सर्जरी का जोखिम अधिक होता है। ऐसे मरीजों में अक्सर सांस फूलना, थकान, पैरों में सूजन, काम करने की क्षमता कम होना और बार-बार अस्पताल में भर्ती होने जैसी समस्याएं देखी जाती हैं।
एचवीई (हार्ट वॉल्व एक्सपर्ट्स), जो एचवीएस (हार्ट एंड वैस्कुलर सुपर स्पेशलिटी) हॉस्पिटल्स के अंतर्गत काम करता है, ने हार्ट के इलाज में कई अहम उपलब्धियाँ हासिल की हैं। इस सेंटर ने मायक्लिप (MyClip) तकनीक के पहले ह्यूमन ट्रायल्स सफलतापूर्वक किए हैं। इससे यह भारत में एडवांस्ड हार्ट ट्रीटमेंट देने वाले प्रमुख केंद्रों में शामिल हो गया है। साथ ही, अस्पताल ने वेस्टर्न इंडिया में एडवांस्ड क्लिप प्रोसीजर की सबसे अधिक संख्या में से एक पूरी की है, जो टीम की बढ़ती विशेषज्ञता और मरीजों के भरोसे को दर्शाता है। इन प्रक्रियाओं की सफलता में पूरी मल्टीडिसिप्लिनरी टीम का योगदान होता है, जिसमें फर्स्ट और सेकंड ऑपरेटर, एनेस्थेटिस्ट, कार्डियक इमेजिंग स्पेशलिस्ट, इंटेंसिविस्ट और समर्पित हार्ट केयर प्रोफेशनल शामिल हैं। इनमें डॉ. अंकुर फटारपेकर, डॉ. मेघव मनोज शाह, डॉ. अमित एस. गंगवानी, डॉ. अनिरुद्ध पवार, डॉ. हर्षद उत्तमराव सागर, डॉ. अमृता लिमये, डॉ. गौरिश शिंदे, डॉ. कुणाल अजय पाटणकर और डॉ. तन्मय कुलकर्णी शामिल हैं।
टीईईआर (ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर) क्लिप थैरेपी के अलावा, एचवीई टीम ने हार्ट के इलाज में कई अन्य एडवांस्ड स्ट्रक्चरल इंटरवेंशंस भी किए हैं। इनमें टीएवीआई (ट्रांसकैथेटर एओर्टिक वॉल्व इम्प्लांटेशन), टीएमवीआर (ट्रांसकैथेटर माइट्रल वॉल्व रिप्लेसमेंट), एलएएओ (लेफ्ट एट्रियल एपेंडेज ऑक्लूजन) और आरएसओवी रिपेयर शामिल हैं। ये सभी प्रक्रियाएँ बिना ओपन हार्ट सर्जरी के की जाने वाली आधुनिक तकनीकें हैं, जो जटिल हार्ट बीमारियों के इलाज में सेंटर की मजबूत क्षमता को दर्शाती हैं।
इस पर बोलते हुए डॉ. अंकुर फटारपेकर (हार्ट वॉल्व एक्सपर्ट) ने कहा कि यह उपलब्धि दिखाती है कि जटिल हार्ट वॉल्व बीमारी वाले मरीजों के लिए बिना ओपन हार्ट सर्जरी वाले इलाज की जरूरत लगातार बढ़ रही है। हाई-रिस्क मरीज अक्सर देर से इलाज लेते हैं या सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं होते। टीईईआर (ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर) एक सुरक्षित और असरदार विकल्प है, जिससे अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत कम होती है और मरीजों की जीवन गुणवत्ता बेहतर होती है।”
मेघव मनोज शाह, कार्डियोलॉजिस्ट ने बताया कि, “सफलता सही मरीज के चयन, एडवांस्ड इमेजिंग और टीम-बेस्ड प्लानिंग पर निर्भर करती है। टीईईआर हर मरीज के लिए नहीं है, लेकिन जिन मरीजों के लिए यह उपयुक्त है, उनके लिए यह इलाज काफी बदलाव लाने वाला साबित होता है।”
डॉ. अमित गंगवानी, कार्डियोलॉजिस्ट ने कहा, “गंभीर वॉल्व लीकेज वाले मरीज अक्सर ऐसे स्टेज पर आते हैं, जहाँ ओपन हार्ट सर्जरी का जोखिम काफी ज्यादा होता है। ऐसे मरीजों के लिए एडवांस्ड क्लिप थैरेपी एक कम इनवेसिव विकल्प देती है, जिससे रिकवरी तेज होती है और लक्षणों में अच्छा सुधार मिलता है। यह उपलब्धि न केवल हमारी तकनीकी विशेषज्ञता को दिखाती है, बल्कि मरीजों के भरोसे को भी दर्शाती है।”
डॉ. अनिरुद्ध पवार, कार्डियक एनेस्थेटिस्ट ने कहा, “क्लिप थैरेपी की सफलता कैथ लैब में टीम के बेहतर तालमेल पर निर्भर करती है। एनेस्थीसिया सपोर्ट, हार्ट की निगरानी, इमेजिंग गाइडेंस और प्रोसीजर के बाद की देखभाल, हर स्टेप में सटीकता जरूरी होती है। बुजुर्ग और हाई-रिस्क मरीजों के लिए यह टीम-बेस्ड अप्रोच सुरक्षित इलाज और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करती है।”
बढ़ती जागरूकता, आधुनिक तकनीक और कुशल मल्टीडिसिप्लिनरी टीम के साथ एचवीई, एचवीएस हॉस्पिटल्स के तहत, वेस्टर्न इंडिया में स्ट्रक्चरल हार्ट केयर में लगातार अग्रणी बना हुआ है। यह सेंटर समय पर जांच, सही इलाज और हाई-रिस्क कार्डियक मरीजों के बेहतर परिणाम सुनिश्चित कर रहा है।
एचवीई और एचवीएस के बारे में:
एचवीएस सिम्बायोसिस सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, हार्ट एंड वैस्कुलर सुपर स्पेशियलिटी ग्रुप का प्रमुख मेंबर है और मल्टी-डिसिप्लिनरी हार्ट वॉल्व एक्सपर्ट्स (एचवीई) टीम द्वारा समर्थित है। एचवीई की विशेषज्ञ टीम वॉल्व और स्ट्रक्चरल हार्ट केयर में लगातार नई तकनीकें ला रही है, जिससे यह अस्पताल उन हाई-रिस्क मरीजों के इलाज को फिर से परिभाषित कर रहा है जिन्हें पहले लगभग इलाज से बाहर माना जाता था। आधुनिक तकनीक, एडवांस्ड कैथ लैब और भारत के प्रमुख इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट्स की मदद से यह अस्पताल एचवीई के मिशन को आगे बढ़ा रहा है- जटिल हार्ट समस्याओं को नए जीवन की कहानियों में बदलना।

0 Comments