संजीवन शास्त्र के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं - विद्यार्थियों एक साथ लाने वाला सम्मेलन
मुंबई :- भारतभर के संजीवन शास्त्र (परफ्यूजन साइंस) क्षेत्र के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को एक साथ लाने वाला प्रतिष्ठित सम्मेलन ISECTCON 2026 इस वर्ष Mumbai में 27–28 फरवरी 2026 को होटल औरिका, अंधेरी (पूर्व) मुंबई स्काईसिटी में सुबह 9 बजे - सायं 6 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। यह सम्मेलन इंडियन सोसाइटी ऑफ़ एक्स्ट्रा कोर्पोरेअल टेक्नोलॉजी (ISECT) द्वारा आयोजित किया जा रहा है, जिसमें आधुनिक परफ्यूजन साइंस और रोगी सेवा में सुधार पर विस्तृत चर्चा की जाएगी। इस भव्य सम्मेलन का उद्घाटन एमएलए, डॉ श्रीकांत शिंदे द्वारा किया जाएगा। सम्मेलन में देशभर के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ, अंतरराष्ट्रीय वक्ता, वैज्ञानिक सत्र, ई-पोस्टर प्रस्तुति, औद्योगिक प्रदर्शनी तथा विद्यार्थियों के लिए विशेष शैक्षणिक गतिविधियाँ शामिल होंगी।
इस राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन रविंद्र शिवाजी सावर्डेकर (ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी), राजेंद्र कोकणे (अध्यक्ष), जगन्नाथ कालुगडे (उपाध्यक्ष), विकास माळी (चेयरमैन), योगेश लुडबे (कोषाध्यक्ष), शशिकांत मेमाणे (सहसचिव) और रफिक शेख के नेतृत्व में किया जा रहा है। आयएसइसीटीसीओएन 2026 देशभर के विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों के लिए ज्ञान, नवाचार और व्यावसायिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण मंच सिद्ध होगा।
कोविड-19 के कठिन समय में जब स्वास्थ्य व्यवस्था पर अत्यधिक दबाव था, तब संजीवन वैज्ञानिकों और संबंधित स्वास्थ्यकर्मियों ने जीवनरक्षक भूमिका निभाई। अतिदक्षता विभाग (ICU) में गंभीर मरीजों को कृत्रिम श्वसन, रक्त परिसंचरण सहायता और उन्नत तकनीक के माध्यम से स्थिर रखने के लिए उन्होंने निरंतर प्रयास किए। अत्यंत जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में भी मरीजों का जीवन बचाने में उनका योगदान स्वास्थ्य सेवा में समर्पण, कौशल और मानवीय मूल्यों का प्रेरणादायक उदाहरण है। छोटे बच्चों में जन्मजात हृदय रोग तथा हृदय प्रत्यारोपण जैसी जटिल उपचार प्रक्रियाओं में भी उनके सटीक कौशल से अनेक मरीजों को नया जीवन मिल रहा है। परफ्यूजन विज्ञान में नए अनुसंधानों को प्रोत्साहन देना, स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को उन्नत करना और विशेषज्ञों के बीच ज्ञान-विनिमय को सुदृढ़ करना इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य है।

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